संसार मेरे मैं है और संसार में मैं हूं
जो किसी का बुरा नहीं चाहते, उन्हें बुरे लोग भी सताते नहीं – महंत क्षमाराम जी
बीकानेर। भागवत उसी को समझ में आने वाली है, जो मैं और मेरी भावना से बाहर निकलता है। बड़े- बड़े ऋषि मुनि और राजाओं ने इसके लिए क्या-क्या नहीं छोड़ा…









