OmExpress News / New Delhi / देशभर में फैले कोरोना वायरस से सामने की लड़ाई लड़ रहे स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार कड़ा रुख अपनाया है। बुधवार को गृह मंत्रालय ने राज्यों को निर्देश दिया है कि वह स्वास्थ्य पेशेवरों, चिकित्सा कर्मचारियों और अन्य स्टाफ के खिलाफ होने वाले की पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित करें और उनके खिलाफ होने वाली हिंसा को रोकने के लिए पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित करें। Adequate Security for Health Professionals
गृह मंत्रालय के तरफ से राज्यों को यह भी कहा गया है कि प्रशासन उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए जो COVID-19 से संक्रमित हुए कोरोना योद्धाओं के अंतिम संस्कार में बाधा डालने डालने का प्रयास कर रहे हैं। गृह मंत्रालय द्वारा एक पत्र में राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों से अनुरोध किया गया है कि वह जिला स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त करें जो चिकित्सा पेशेवरों के कामकाज पर किसी भी सुरक्षा मुद्दे के निवारण के लिए 24 घंटे और सातों दिन उपलब्ध रहें। हिंसा की कोई भी घटना होने पर उन्हें तत्काल और सख्त कार्रवाई करने की छूट भी दी जाए।
स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला किया तो जाना होगा जेल
केंद्र सरकार स्वास्थ्यकर्मियों पर हमले रोकने के उद्देश्य से अध्यादेश लेकर आई है। अध्यादेश में स्वास्थ्यकर्मी पर हमले का दोषी पाए जाने वाले को 6 महीने से 7 साल तक की सजा का प्रावधान है। साथ ही 1 लाख से 5 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि मेडिकल स्टाफ के खिलाफ होने वाले हमलों और उत्पीड़न को बिलकुल बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा और उनको संरक्षण देने के लिए ये अध्यादेश लाया गया है। राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद ये तुरंत प्रभाव से लागू हो जाएगा। अध्यादेश में जो प्रावधान हैं उनके मुताबिक, मेडिकल टीम पर हमला करने पर 3 महीने से 5 साल की सजा और 50,000 से 2 लाख रुपए तक का जुर्माना होगा। अगर गंभीर नुकसान हुआ है तो 6 महीने से 7 साल की सजा का प्रावधान और जुर्माना 1लाख से 5 लाख रुपए है।

