“साहित्य जस का तस प्रस्तुतीकरण न होकर सांकेतिक विधा है और ऐसा लेखन ही सुदीर्घ अनवरत यात्रा करता है”…मनीषा आर्य सोनी
बीकानेर 26 दिसम्बर । शब्द-श्री साहित्य संस्थान द्वारा आयोजित, ‘एक मुलाकात’, के अंतर्गत दर्शकों / श्रोताओं से रूबरू होते हुए बहुमुखी प्रतिभा की धनी मनीषा आर्य सोनी ने कहा कि…









